कौन है रेखा गुप्ता दिल्ली की नई CM : दिल्ली की चौथी मुख्यमंत्री
रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री चुनी गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया। रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हराया था। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा से लंबे समय से जुड़ी रही हैं, और दिल्ली भाजपा की महासचिव और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुकी है।
रेखा गुप्ता का परिवार हरियाणा के जुलाना से है, लेकिन उनका पालन-पोषण दिल्ली में हुआ। उन्होंने दिल्ली के दौलत राम कॉलेज से बी.कॉम किया और एलएलबी की पढ़ाई भी की। राजनीतिक करियर की शुरुआत उन्होंने छात्र राजनीति से की और अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंची हैं।
उनके मुख्यमंत्री बनने के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:
1. वैश्य समुदाय से संबंध: दिल्ली में वैश्य समुदाय भाजपा का कोर वोटर माना जाता है, और रेखा गुप्ता का इस समुदाय से होना पार्टी के लिए लाभदायक है।
2. महिला नेतृत्व: भाजपा ने महिला मुख्यमंत्री चुनकर महिला वोटरों को साधने की कोशिश की है।
3. RSS का समर्थन: रेखा गुप्ता RSS की पसंद रही हैं, और संगठन ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा था।
रेखा गुप्ता 20 फरवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। शपथ ग्रहण समारोह रामलीला मैदान में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई प्रमुख नेता शामिल होंगे।
दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज थीं, जिन्होंने 12 अक्टूबर 1998 को पदभार संभाला था। उनके बाद शीला दीक्षित और आतिशी ने यह पद संभाला। अब रेखा गुप्ता चौथी महिला मुख्यमंत्री के रूप में इस सूची में शामिल हुई हैं।
रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने से भाजपा ने दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 70 में से 48 सीटें जीतीं, जबकि आम आदमी पार्टी को 22 सीटें मिलीं।
रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने के बाद, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि वे दिल्ली को दुनिया की शीर्ष राजधानियों में से एक बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अब तक दिल्ली की महिला मुख्यमंत्री ये रही
1. सुषमा स्वराज (1998)
2. शीला दीक्षित (1998-2013)
3. आतिशी ( 142 दिन )
आतिशी ने दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में 142 दिन तक सेवा की। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद यह पद संभाला था। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी की हार के बाद, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
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